Zakir Khan का 'आपका अपना ज़ाकिर' शो टीआरपी फ्लॉप, Sony TV ने बीच में ही उतारा

Zakir Khan का 'आपका अपना ज़ाकिर' शो टीआरपी फ्लॉप, Sony TV ने बीच में ही उतारा

क्यों ढेर हो गया 'आपका अपना ज़ाकिर'?

टीवी पर स्टार पावर हमेशा काम नहीं करती, ये बात एकदम साफ हो गई जब Zakir Khan का शो 'आपका अपना ज़ाकिर' शुरू होते ही हवा हो गया। Sony TV ने शो को सिर्फ कुछ हफ्तों के अंदर बंद कर दिया। शो की शुरुआत 10 अगस्त 2024 को हुई थी। इतनी जल्दी उतार दिए जाने का कारण सीधा-सीधा था—टीआरपी में बुरी तरह पिट जाना। चैनल और प्रोडक्शन टीम दोनों ही इस नतीजे से चौंक गए, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि ज़ाकिर की पॉपुलैरिटी दर्शकों को टीवी तक खींच लाएगी।

इस शो के होस्ट थे ज़ाकिर खान, जिनका स्टैंड-अप अंदाज़ इंटरनेट पर खासा मशहूर है। शो को और रोचक बनाने के लिए सपोर्टिंग कास्ट में गोपाल दत्त, ऋत्विक धनजानी, परेश गणात्रा और श्वेता तिवारी जैसी चेहरे शामिल किए गए थे। बात यहीं नहीं रुकी, बॉलीवुड के टॉप सेलिब्रिटी जैसे रवीना टंडन, जॉन अब्राहम, विक्रांत मैसी, शरवरी, राजकुमार राव, और करन जौहर भी मेहमान बनकर पहुंचे। लेकिन इतनी भारी-भरकम लाइनअप के बावजूद दर्शकों ने शो को हाथों-हाथ नहीं लिया।

टीआरपी में बुरी हार और दर्शकों का फैसला

शो ने जब दूसरी हफ्ते में भी टीआरपी चार्ट्स पर जगह नहीं बनाई, तो प्रोड्यूसर और चैनल के अंदर खलबली मच गई। सेट पर ही लोग मान गए कि जनता ने इस बार साफ तौर पर 'ना' बोल दिया है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि बड़ी-बड़ी हस्तियों को बुलाना एक बात है, लेकिन अगर कंटेंट ही कमजोर हो, तो दर्शक अब ज्यादा दिन टिकते नहीं। यही कारण था कि 'आपका अपना ज़ाकिर' के इंटरेस्टिंग मेहमान भी व्यूअरशिप नहीं बढ़ा पाए।

सपने हमेशा हकीकत नहीं होते—ज़ाकिर के करियर में यह पहली बार था जब कोई बड़ा टीवी प्रोजेक्ट इतनी तेजी से फेल हो गया। शो के कुछ और एपिसोड शूट हुए थे, लेकिन चैनल ने अब ये भी दिखाने से मना कर दिया है। Telly town में हर कोई बस 'ये पब्लिक है, ये सब जानती है' वाली बात दोहरा रहा है, क्योंकि दर्शकों ने अपनी पसंद बहुत बेबाकी से दिखा दी।

  • शो की उम्र: 6-8 एपिसोड (लगभग 1 महीना)
  • कास्ट: ज़ाकिर खान, गोपाल दत्त, ऋत्विक धनजानी, परेश गणात्रा, श्वेता तिवारी
  • सेलिब्रिटी गेस्ट: रवीना टंडन, जॉन अब्राहम, करन जौहर समेत कई
  • कारण: ट्रेंडिंग स्क्रिप्ट या फॉर्मेट ना होने की वजह से टीआरपी में कमी

इस मामले ने एक बात पक्की कर दी है—सिर्फ बड़े नामों से ही कोई भी टीवी शो हिट नहीं होता। दर्शक अब हर चीज़ को गौर से देख रहे हैं और वही कंटेंट चल पाता है जो उन्हें रियल लगे या एंटरटेन करे।

16 Comments

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    Khaleel Ahmad

    अगस्त 20, 2025 AT 23:14
    क्या आपको लगता है कि ज़ाकिर का स्टैंडअप स्टाइल टीवी के लिए बहुत अलग था? ऑनलाइन और ऑफलाइन दर्शक अलग होते हैं यार।
    कोई बड़ा नाम नहीं बनाता शो अगर कंटेंट न हो।
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    Liny Chandran Koonakkanpully

    अगस्त 22, 2025 AT 05:31
    ये सब बकवास है भाई 😤 ज़ाकिर को टीवी पर लाना ही गलत था। उसकी बातें बस इंस्टाग्राम रील्स में फिट होती हैं। ये लोग सोचते हैं जो यूट्यूब पर चलता है वो टीवी पर भी चलेगा? बस नहीं भाई।
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    avinash jedia

    अगस्त 23, 2025 AT 22:24
    मैंने तो एक एपिसोड देखा था और सोचा ये क्या है? बोरिंग हो गया। बड़े नाम लगा दिए लेकिन बातें बिल्कुल फ्लैट थीं। दर्शक बेवकूफ नहीं हैं।
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    Shruti Singh

    अगस्त 25, 2025 AT 19:32
    अरे ये तो बहुत अच्छी बात है! अब लोग बस नाम देखकर नहीं देख रहे। ये एक बड़ा बदलाव है। ज़ाकिर को फिर से ट्राई करना चाहिए लेकिन दूसरे फॉर्मेट में।
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    Kunal Sharma

    अगस्त 26, 2025 AT 18:22
    देखो भाई ये टीवी इंडस्ट्री अभी भी 2005 के दौर में फंसी हुई है। जब तक वो ये नहीं समझेंगे कि दर्शक अब ऑनलाइन कंटेंट की गति और रियलिटी के साथ जुड़ गए हैं तब तक ऐसे ही शो फेल होते रहेंगे। ज़ाकिर का अंदाज़ तो बहुत अच्छा था लेकिन टीवी के लिए वो बहुत अनऑथराइज्ड लगा। एक बार देखो तो लगता है जैसे किसी ने एक फ्रेश जूस को एक टिन के डिब्बे में डाल दिया हो।
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    Raksha Kalwar

    अगस्त 26, 2025 AT 20:42
    शो के फेल होने का कारण बहुत साफ है। न तो स्क्रिप्ट बेस्ड थी न ही कोई क्लियर टोन। एक ऐसा शो जिसमें आप नहीं जान पाएं कि ये कॉमेडी है या डॉक्यूमेंट्री। दर्शकों को अस्पष्टता से नफरत होती है।
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    himanshu shaw

    अगस्त 28, 2025 AT 06:40
    ये सब एक बड़ी साजिश है। Sony TV ने जानबूझकर शो को फेल किया। क्योंकि ज़ाकिर का नेटवर्क उनके स्पॉन्सर्स के खिलाफ था। ये नहीं चाहते थे कि कोई आम आदमी का बोलबाला हो।
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    Rashmi Primlani

    अगस्त 29, 2025 AT 01:13
    हमें ये समझना चाहिए कि ज़ाकिर का ऑडियंस ऑनलाइन है। टीवी एक अलग एक्सपीरियंस देता है। शो को अगर एक लाइव इवेंट के रूप में बनाया जाता तो शायद अलग रिजल्ट आता। ये फॉर्मेट गलत था।
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    harsh raj

    अगस्त 30, 2025 AT 16:56
    मैंने शो को देखा और सोचा ये ज़ाकिर का एक बड़ा अवसर था। लेकिन उन्होंने इसे अपने आप को दिखाने के लिए इस्तेमाल कर लिया। दर्शकों को अपने आप से जोड़ना था न कि अपने नाम से।
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    Prakash chandra Damor

    सितंबर 1, 2025 AT 08:24
    ज़ाकिर के शो के बाद देखो कितने नए कॉमेडियन आ रहे हैं ऑनलाइन ये बात साफ हो गई कि टीवी का दौर खत्म हो रहा है
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    Rohit verma

    सितंबर 1, 2025 AT 20:05
    मैं तो बस ये कहना चाहता हूँ कि ज़ाकिर अभी भी बहुत अच्छा है 😊 शो फेल हुआ लेकिन उनकी बातें अभी भी दिल छू रही हैं। बस अगली बार थोड़ा अलग फॉर्मेट चुनें वो फिर से बड़ा हिट करेंगे।
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    Arya Murthi

    सितंबर 1, 2025 AT 20:19
    कुछ लोग तो ये कहते हैं कि ज़ाकिर ने टीवी को बर्बाद कर दिया। लेकिन मैं तो सोचता हूँ टीवी ने ज़ाकिर को बर्बाद करने की कोशिश की और फेल हो गया।
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    Chandrasekhar Babu

    सितंबर 1, 2025 AT 23:14
    मैंने इस शो को एक डिजिटल नेटवर्किंग के अनुसार एनालाइज़ किया। व्यूअर एंगेजमेंट मॉडल में ये शो एक बहुत ही लो-कॉन्टेक्स्ट इन्टरैक्शन पैटर्न दर्शाता था। यानी दर्शक बिना किसी इमोशनल कनेक्शन के बस बैठ गए। इसका आउटपुट टीआरपी में नेगेटिव रिजल्ट था।
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    Pooja Mishra

    सितंबर 3, 2025 AT 09:30
    मुझे तो ये बहुत दुखद लगा कि एक इतना तालमेल भरा शो इतनी जल्दी बंद हो गया। लेकिन ये दर्शकों की जिम्मेदारी भी है कि वो इतने जल्दी रिजेक्ट कर देते हैं। क्या हम अब बस वही देखते हैं जो हमें आसानी से मिल जाए? ये एक नैतिक अपराध है।
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    Anupam Sharma

    सितंबर 4, 2025 AT 01:35
    ये शो फेल हुआ क्योंकि लोग अब फेक नहीं चाहते यार। ज़ाकिर का अंदाज़ तो असली था लेकिन टीवी वाले ने उसे बनाने के लिए एक बहुत बड़ा बकवास फ्रेमवर्क बना दिया। जैसे किसी ने एक बाइक को एक ट्रक में बदल दिया हो। बाइक तो चलती है लेकिन ट्रक नहीं।
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    Payal Singh

    सितंबर 5, 2025 AT 10:50
    मैं ये बहुत अच्छी बात समझती हूँ कि टीवी के लिए एक ऐसा शो जो ऑनलाइन कंटेंट की तरह हो वो बहुत खतरनाक होता है। लेकिन ये एक बहुत बड़ा संकेत है कि दर्शक अब बस अपने दिल की सुनते हैं। ज़ाकिर ने एक नया रास्ता दिखाया। बस अब दूसरे बनाएं।

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