यौन उत्पीड़न क्या है? तुरंत पहचानें और सुरक्षित कदम उठाएँ

अगर कोई आपको काम, स्कूल या घर पर असहज महसूस कराता है तो वह यौन उत्पीड़न हो सकता है। यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि आपके सम्मान और मन की चोट है। इस पेज में हम बतायेंगे कि कब बात निकलती है, क्या‑क्या करना चाहिए और मदद कहाँ से मिलेगी।

उत्पीड़न के संकेत – कब कहें "यह गलत है"?

पहले तो यह समझें कि यौन उत्पीड़न सिर्फ शारीरिक हमला नहीं होता। शब्द, इशारे या अनचाहे टेक्स्ट भी इसमें आते हैं। अगर कोई बार‑बार आपके निजी सवाल पूछता है, बुरा भाषा इस्तेमाल करता है, फोटो या वीडियो भेजने को कहता है और आप असहज महसूस करते हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है। कभी‑कभी लोग इसे मज़ाक समझते हैं, पर आपका आराम सबसे ज़्यादा मायना रखता है।

एक छोटा‑छोटा बदलाव भी बड़ी समस्या का हिस्सा हो सकता है – जैसे किसी मीटिंग में लगातार आपसे आँख मिलाना बंद कर देना या आपके काम को खारिज करना सिर्फ इसलिए क्योंकि आपने "हाथ नहीं उठाया"। इन सबको नोट करें, समय, जगह और गवाहों के साथ लिख लेना मददगार रहता है।

कहीं शिकायत कैसे दर्ज करें? कदम‑दर‑कदम मार्गदर्शन

पहला कदम – खुद को सुरक्षित रखें। अगर स्थिति तात्कालिक खतरा पैदा कर रही हो तो पुलिस कॉल करे (112). यदि आप ऑफिस या कॉलेज में हैं, तो HR/अध्यक्ष या छात्र मामलों के विभाग से बात करें। अधिकांश संस्थानों में शिकायत बॉक्स या ऑनलाइन फॉर्म होते हैं, उन्हें भरना आसान है।

दूसरा – सबूत इकट्ठा करें। स्क्रीनशॉट, ई‑मेल, वॉइस मैसेज और गवाहों की बयानी को सुरक्षित रखें। ये चीज़ें बाद में कानूनी कार्रवाई में काम आती हैं। तीसरा – सहायता समूह से जुड़ें। कई NGOs, जैसे महिला हेल्पलाइन (181) या स्थानीय समर्थन केंद्र, मुफ्त काउंसलिंग देते हैं। आप ऑनलाइन फ़ोरम या टेलीफ़ोन पर भी बात कर सकते हैं, जहाँ पेशेवर सलाह मिलती है।

अगर आप चाहें तो वकील से सलाह ले सकते हैं। कई बार पहली मुलाक़ात फ्री होती है और वह आपको बताएगा कि कौन‑से कानूनी प्रावधान आपके पक्ष में हैं। भारत में यौन उत्पीड़न रोकथाम एक्ट 2013 बहुत मददगार है – यह नियोक्ता को जिम्मेदार बनाता है और पीड़ित को तेज़ न्याय दिलाने का अधिकार देता है।

अंत में, याद रखिए कि आप अकेले नहीं हैं। कई लोग इस समस्या से लड़ रहे हैं और आपका कदम दूसरों को भी बोलने की हिम्मत देगा। अगर आपको लगता है कोई बात सही नहीं हो रही, तो तुरंत मदद लें – चाहे वह दोस्त हों या पेशेवर सलाहकार। छोटा‑सा साहस ही बड़े बदलाव का पहला कदम बनता है.

इस लेख में हमने बताया कि यौन उत्पीड़न कैसे पहचाना जाता है, कब और कैसे रिपोर्ट किया जाए और किस तरह के संसाधन उपलब्ध हैं। अगर आप या आपका कोई जानने वाला इस स्थिति से गुजर रहा हो तो ऊपर बताए गए टिप्स अपनाएँ और सुरक्षित रहें.

प्रसिद्ध तेलुगु कोरियोग्राफर जानी मास्टर पर महिला से यौन उत्पीड़न का आरोप, पुलिस में शिकायत दर्ज

प्रसिद्ध तेलुगु कोरियोग्राफर जानी मास्टर पर महिला से यौन उत्पीड़न का आरोप, पुलिस में शिकायत दर्ज

प्रसिद्ध तेलुगु फिल्म कोरियोग्राफर शेख जानी उर्फ जानी मास्टर पर एक महिला द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। 21 वर्षीय महिला कोरियोग्राफर ने यह शिकायत दर्ज की है, जिससे जानी मास्टर 2017 से काम कर रहे थे। महिला ने घटनाओं का विस्तार करते हुए बताया कि वह आउटडोर शूट्स और अपने घर पर हमलों का शिकार हुईं।

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