तलाक: क्यों होते हैं अलगाव और कैसे आगे बढ़ेँ

जब दो लोग शादी करते हैं तो उम्मीद होती है साथ चलने की। लेकिन कभी‑कभी रिश्ते में खटास, समझ न होना या हिंसा जैसी वजहों से तलाक का फैसला लिया जाता है। इस पेज पर हम बताते हैं कि तलाक क्यों हो सकता है और कोर्ट में इसे कैसे शुरू किया जाए। पढ़ते रहिए, सब आसान लगने लगेगा।

तलाक की मुख्य वजहें

सबसे आम कारण होते हैं आर्थिक टकराव, भरोसे का टूटना, घरेलू हिंसा या अलग रहने की इच्छा। कई बार परिवार के दबाव या रिश्ते में समानता न मिलने से भी जोड़े अलग हो जाते हैं। अगर आप किसी कारण से लगातार दुखी महसूस कर रहे हैं, तो तलाक पर विचार करना स्वाभाविक है। लेकिन फैसला लेने से पहले अपने भावनाओं को समझना जरूरी है—कभी‑कभी काउंसलिंग मदद कर सकती है।

दूसरा बड़ा मुद्दा है बच्चों की भविष्य सुरक्षित रखना। अदालत अक्सर माता‑पिता दोनों की क्षमताएँ देखती है और बच्चे के लिए सबसे अच्छा समाधान निकालने की कोशिश करती है। इसलिए, तलाक का फैसला लेते समय बचपन से जुड़े सवालों को भी ध्यान में रखें।

तलाक प्रक्रिया कैसे शुरू करें

भारत में तलाक दो तरह से हो सकता है: पारस्परिक सहमति (अंडर कंटेन्स) या विवादित (कंटेस्टेड)। अगर दोनों पक्ष एक‑दूसरे को छोड़ने के लिए तैयार हैं, तो अंडर कंटेन्स तलाक कम समय लेता है। इसके लिये आप नजदीकी फैमिली कोर्ट में ‘विवाह विघटन याचिका’ दाखिल कर सकते हैं।

जब सहमति नहीं होती, तब विवादित तलाक की प्रक्रिया शुरू होती है। पहले आपको एक वकील से मिलकर शिकायत पत्र तैयार करना होगा। फिर इसे अदालत में जमा करें और सुनवाई के लिये तारीख तय होगी। कोर्ट दोनों पक्षों को सुनता है, सबूत देखता है और अंत में फैसला देता है। इस दौरान आपके पास ‘सम्पत्ति विभाजन’, ‘भरण‑पोषण’ और बच्चों की अभिरक्षा जैसे मुद्दे उठाने का अधिकार है।

ध्यान रखें, तलाक के लिये कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए—शादी प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, पता प्रमाण, आय या नौकरी की जानकारी, तथा यदि बच्चे हों तो उनका जन्म प्रमाणपत्र। इन सबको व्यवस्थित रख लेना काम को आसान बनाता है।

एक बात और—तलाक में कोर्ट का खर्चा भी आता है। यह फीस राज्य‑दर पर निर्भर करती है, लेकिन अक्सर आप आर्थिक सहायता के लिये ‘लीगल एड’ की मदद ले सकते हैं। अगर आपको लगता है कि पैसे की कमी से प्रक्रिया रुक रही है तो इस विकल्प को देखें।

अंत में, तलाक का मतलब हमेशा अंत नहीं होता; यह एक नई शुरुआत भी हो सकती है। सही जानकारी और कानूनी सहायता से आप इस कठिन दौर को कम तनाव के साथ पार कर सकते हैं। यदि अभी तक निर्णय नहीं लिया है, तो अपने मन की आवाज़ सुनें, पर साथ ही तथ्य‑आधारित कदम उठाएँ।

हार्दिक पांड्या-नताशा स्टेनकोविक तलाक: दो बार शादी करने से लेकर अलग होने तक – अगस्त्या के माता-पिता के रिश्ते का सफर

हार्दिक पांड्या-नताशा स्टेनकोविक तलाक: दो बार शादी करने से लेकर अलग होने तक – अगस्त्या के माता-पिता के रिश्ते का सफर

भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और अभिनेत्री नताशा स्टेनकोविक ने चार साल की शादी के बाद अलग होने की घोषणा की है। उनकी मुलाकात 2018 में मुंबई के एक नाइटक्लब में हुई थी। हार्दिक ने 2020 में नववर्ष की पूर्व संध्या पर नताशा को यॉट पर प्रपोज़ किया था, और वे उसी साल मई में कोर्ट मैरिज कर ली। उनके बेटे अगस्त्या का जन्म जुलाई 2020 में हुआ। 2023 में उदयपुर में उन्होंने अपने वैवाहिक व्रत दोबारा लिए। 2024 में उनके अलग होने की अफवाहें उड़ीं जो आखिरकार सही साबित हुईं।

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