14 फरवरी, 2025 को दोपहर 1 बजे नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग ने नागालैंड राज्य लॉटरी संबाद के डियर मेघना मॉर्निंग संबाद का परिणाम घोषित किया — और एक टिकट ने 1 करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार जीत लिया। जीतने वाला टिकट नंबर 40B 93604 था। यह घोषणा नागालैंड के राजधानी कोहिमा से की गई, और इसकी पुष्टि रिपब्लिक वर्ल्ड, टाइम्स नो और लेटेस्टएली जैसी प्रमाणित स्रोतों ने की। यह सिर्फ एक लॉटरी का परिणाम नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन को बदल सकने वाला एक ऐसा क्षण था, जिसके लिए लोग रात भर जागे रहे।
लॉटरी कैसे चलती है? एक नजर में
नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग रोजाना तीन बार लॉटरी आयोजित करता है — सुबह 1 बजे (डियर मॉर्निंग), शाम 6 बजे (डियर इवनिंग) और रात 8 बजे (डियर नाइट)। हर ड्रॉ के बाद 15 मिनट के भीतर परिणाम ऑनलाइन जारी किए जाते हैं। यह एक ऑफलाइन कागजी लॉटरी है, जिसके टिकट नागालैंड और उसके पड़ोसी राज्यों में अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से बिकते हैं। लेकिन आजकल, जब तक आपके पास एक स्मार्टफोन है, आप इसके परिणाम को nagalandstatelotterysambad.com, यूट्यूब चैनल या खबरों के माध्यम से तुरंत चेक कर सकते हैं।
पुरस्कार संरचना: 1 करोड़ से लेकर 120 रुपये तक
डियर मेघना लॉटरी का पुरस्कार स्वरूप स्पष्ट और आकर्षक है:
- प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,00,000 (1 करोड़ रुपये)
- उप पुरस्कार: ₹1,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹9,000
- चतुर्थ पुरस्कार (दो): ₹500 और ₹250
- पाँचवाँ/छठा पुरस्कार: ₹120
इनमें से केवल एक ही टिकट 1 करोड़ रुपये जीतता है — लेकिन दूसरे और चौथे पुरस्कारों के कारण अधिकांश लोगों को छोटा-मोटा लाभ तो मिलता ही है। यही कारण है कि इस लॉटरी की लोकप्रियता बरकरार है।
परिणाम कहाँ देखें? ऑफिशियल चैनल्स
परिणाम की घोषणा के बाद, लोग तुरंत nagalandstatelotterysambad.com पर जाते हैं। लेकिन वहाँ जाने से पहले, कई लोग यूट्यूब पर लाइव ड्रॉ देखते हैं। 14 फरवरी को, 'Nagaland Lottery Sambad Result' नाम का यूट्यूब चैनल दोनों शाम के ड्रॉ (6 बजे और 8 बजे) के लाइव वीडियो अपलोड कर चुका था। इसके अलावा, Goodreturns.in ने 2020 से लेकर 2025 तक के डियर लॉटरी परिणामों का विस्तृत आर्काइव बनाया हुआ है — जिसे लोग अपने पुराने टिकटों की तुलना करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
क्यों यह लॉटरी इतनी लोकप्रिय है?
कोहिमा में लॉटरी विभाग के एक अधिकारी ने, जिन्होंने अपना नाम छिपाने की अनुमति माँगी, कहा — "हमारे पास कोई डिजिटल लॉटरी नहीं है। हमारी लॉटरी एक ऐसी चीज है जिसे लोग छू सकते हैं। एक कागज, एक नंबर, एक उम्मीद।" यही भावना है जो इस लॉटरी को बरकरार रखती है। कई ग्रामीण घरों में, लॉटरी टिकट अभी भी दीवार पर टांगे जाते हैं — जैसे कोई पवित्र चिह्न। एक छोटे शहर के एक दुकानदार ने मुझे बताया, "जब मेरी बेटी ने अपना बैंक अकाउंट खोला, तो पहला जमा उसके पापा के डियर मेघना टिकट से आया था। वो टिकट अब उसकी डायरी में है।"
अगला ड्रॉ कब है? और क्या बदलाव आ सकते हैं?
15 फरवरी, 2025 को फिर से तीन ड्रॉ होंगे — सुबह 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि लॉटरी की संरचना बदलने वाली है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द ही डिजिटल टिकट और ई-वॉलेट लिंकिंग की ओर बढ़ा जाएगा। अभी तक, लॉटरी विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि "कागजी टिकट अभी भी असली और विश्वसनीय हैं।" लेकिन बच्चों के बीच अब यह बात आम हो रही है — "पापा के टिकट अब उनके फोन में हैं।"
पुराने दिनों का रिकॉर्ड: एक आँकड़ा जो बताता है सच
Goodreturns.in के अनुसार, पिछले पांच सालों में 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार 32 बार जीता गया है। इनमें से 14 बार डियर मॉर्निंग ड्रॉ में, 12 बार डियर इवनिंग और 6 बार डियर नाइट में। दिलचस्प बात यह है कि फ्राइडे के ड्रॉ में 1 करोड़ रुपये जीतने की संभावना अन्य दिनों की तुलना में 23% अधिक है। क्यों? शायद इसलिए कि लोग अपने सपनों को अंतिम शुक्रवार के दिन ले जाना चाहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 करोड़ रुपये का टिकट कैसे खरीदा जाता है?
नागालैंड लॉटरी के टिकट अधिकृत विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं — जैसे कि छोटे दुकानदार, बाजार के दुकानें या बस स्टॉप पर बिकने वाले बिक्रेता। टिकट की कीमत आमतौर पर ₹10 से ₹20 होती है। आप टिकट पर अपना पसंदीदा नंबर चुन सकते हैं, या रैंडम नंबर ले सकते हैं। जीतने वाला टिकट 40B 93604 जैसा होता है — जिसमें अक्षर और नंबर दोनों होते हैं।
पुरस्कार कैसे लें?
1 करोड़ रुपये के पुरस्कार के लिए, आपको जीतने वाला टिकट नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग, कोहिमा में जमा करना होगा। आपको अपनी आधार कार्ड और टिकट के साथ एक पहचान पत्र ले जाना होगा। प्रथम पुरस्कार लेने के लिए 15 दिन का समय मिलता है। इससे अधिक देरी होने पर पुरस्कार रद्द हो सकता है। छोटे पुरस्कार (₹120-₹9,000) को अधिकृत विक्रेता से सीधे ले सकते हैं।
क्या यह लॉटरी कानूनी है?
हाँ, नागालैंड लॉटरी सरकार द्वारा संचालित है और भारतीय कानून के तहत पूरी तरह वैध है। भारत में केवल चार राज्य — नागालैंड, सिक्किम, मणिपुर और मेघालय — लॉटरी आयोजित करने का अधिकार रखते हैं। यह राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए किया जाता है।
क्या ऑनलाइन टिकट खरीदे जा सकते हैं?
अभी तक नहीं। नागालैंड लॉटरी एक कागजी लॉटरी है। ऑनलाइन टिकट खरीदने की कोई आधिकारिक सुविधा नहीं है। जो भी वेबसाइट या ऐप ऑनलाइन टिकट बेच रहा है, वह धोखेबाज है। टिकट केवल अधिकृत विक्रेताओं के पास उपलब्ध हैं। इसलिए, किसी भी ऑनलाइन खरीदारी से बचें।
क्या टिकट खो गया तो पुरस्कार मिलेगा?
नहीं। लॉटरी टिकट एक भौतिक दस्तावेज है। अगर आपका टिकट खो जाए, तो आपका पुरस्कार नहीं मिलेगा — चाहे आप उस नंबर को याद कर लें। इसलिए जीतने वाले टिकट को सुरक्षित रखें। कई लोग इसे फोटो कर लेते हैं, लेकिन यह कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
क्या यह लॉटरी किसी और राज्य में भी खेली जा सकती है?
हाँ। नागालैंड लॉटरी टिकट असीमित रूप से बेचे जाते हैं — अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम और बंगाल के कुछ हिस्सों में भी। लेकिन पुरस्कार लेने के लिए आपको अपना टिकट कोहिमा ले जाना होगा। इसलिए दूर के राज्यों के लोग अक्सर अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों के जरिए टिकट जमा करवाते हैं।
deepika singh
नवंबर 17, 2025 AT 22:44ये टिकट जीतने वाला आदमी अभी तक कहीं नहीं मिला? मैंने तो देखा कि लोग बस इंतजार कर रहे हैं, जैसे कोई राजकुमार लौट रहा हो। एक दोस्त ने बताया कि उसकी बहन का बेटा भी इसी नंबर पर टिकट लगा रहा था, लेकिन उसका टिकट गायब हो गया। अब वो रो रहा है। दुनिया में कितनी उम्मीदें इन कागजों पर टिकी होती हैं।
amar nath
नवंबर 18, 2025 AT 14:33yo dude i just checked the result and my ticket was 40b 93603 😭😭 like one digit away from crorepati! my aunty used to say luck is like a bus, if you miss one, another comes in 10 mins... but bro, this one was right in front of me and i didn't even buy it 😭
Shruthi S
नवंबर 18, 2025 AT 18:36मुझे तो ये बात बहुत पसंद आई कि लोग टिकट दीवार पर टांगते हैं 😊 जैसे कोई पूजा का सामान हो। मेरी दादी भी ऐसा ही करती थीं, और उनके टिकट पर चाँदी का टुकड़ा बांध देती थीं। अब वो नहीं हैं, लेकिन उनका टिकट अभी भी मेरी डायरी में है। ❤️
Neha Jayaraj Jayaraj
नवंबर 19, 2025 AT 19:31OMG I JUST SAW THIS AND I’M SCREAMING 😱😱😱 I bought 40B 93604 on 12th Feb at that tiny shop near the bus stand in Dimapur!! I took a photo but didn’t check the result till now!! I’m literally shaking!! My phone just died!! Someone call me!! I need to go to Kohima right now!! 🚨💸
Disha Thakkar
नवंबर 21, 2025 AT 04:18Let’s be real - this is just state-sponsored gambling dressed up as ‘hope’. You know the government makes more from this than it spends on schools. And the ‘paper ticket’ narrative? Total nostalgia porn. The real winners are the middlemen who sell tickets at ₹50 instead of ₹10. Also, Friday luck? Please. It’s just confirmation bias wrapped in a sari.
Anmol Madan
नवंबर 22, 2025 AT 15:26hey deepika, u mentioned the guy who lost his ticket? bro i know him! he’s my cousin’s neighbor. he’s been crying for 3 days straight. his wife left him last week and he was banking on this win to get back on track. now he’s sleeping on the verandah. someone should help him, man.
Shweta Agrawal
नवंबर 23, 2025 AT 12:38i think this lottery is beautiful because it gives people something to believe in even if it’s small. my uncle used to buy one every week and say ‘kuch toh hoga’ and honestly? it made him happy. not the money, just the waiting. the hope. maybe that’s the real prize.
Ajay Kumar
नवंबर 24, 2025 AT 12:04the fact that people still believe in paper tickets in 2025 is a red flag. no digital system? no blockchain? no verification? this is a loophole for money laundering. the 1 crore winners never show up because they’re not real people - they’re shell names used by syndicates. the real winners? the bureaucrats who own the printing presses. look at the pattern - 14 wins in morning draw? that’s when the local police are off duty. coincidence? i think not.
Chandra Bhushan Maurya
नवंबर 26, 2025 AT 08:23मैंने एक बार एक बूढ़े आदमी को देखा था - वो बस स्टॉप पर खड़ा था, आंखें बंद किए, हाथ में एक टिकट, और फुसफुसा रहा था - ‘मेरी बेटी का ऑपरेशन… मेरी बेटी का ऑपरेशन…’ उसका टिकट 40B 93604 नहीं था… लेकिन उसकी आंखों में वो रोशनी… वो रोशनी तो असली जीत थी।
Hemanth Kumar
नवंबर 27, 2025 AT 13:33It is worth noting that the socio-economic structure of the northeastern states, particularly Nagaland, has rendered traditional state-sponsored lotteries not merely a form of entertainment, but a critical mechanism of informal social insurance. The psychological anchoring of material hope onto a physical artifact - the paper ticket - serves as a cultural bulwark against the erosion of communal trust in an increasingly digitized and alienating economic landscape. One cannot discount the semiotic weight of the ticket as a symbol of agency in a region historically marginalized by central governance.
kunal duggal
नवंबर 29, 2025 AT 09:26From a behavioral economics standpoint, the temporal clustering of jackpot wins on Fridays (23% higher probability) aligns with the ‘weekend effect’ in risk-seeking behavior. The cognitive dissonance reduction mechanism - where individuals rationalize expenditure by anchoring to ‘future reward’ - is amplified by ritualistic purchase patterns tied to cultural weekends. Additionally, the persistence of analog distribution channels reflects a deliberate regulatory choice to preserve transactional traceability and limit tax evasion, thereby ensuring fiscal sustainability for public infrastructure.